पुलिस केन्द्र सिमडेगा में पूरे हर्षोउल्लास और गौरव के साथ मनाया गया 77 वॉ गणतंत्र दिवस

77 वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर पुलिस केन्द्र सिमडेगा में पूरे हर्षोउल्लास और गौरव के साथ गणतंत्र दिवस समारोह का अयोजन किया गया। इस आवसर पर परेड समारोह का अयोजन किया गया।
परेड में सिमडेगा पुलिस बल, सहायक पुलिस, एन0सी0सी0 कैडेट्स, विभिन्न स्कूलों के स्काउट्स सहित विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परेड का संचालन परिचारी प्रवर महोदय सिमडेगा के द्वारा किया गया।
उक्त अवसर पर सर्वप्रथम पुलिस अधीक्षक महोदय सिमडेगा श्री श्रीकान्त एस0 खोटरे के द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और तिरंगे को सलामी दी गई।
पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा जिलेवासियों एवं पुलिस कर्मियों को 77 गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी गई तथा परेड में सम्मिलित पुलिस कर्मियों एंव छात्र-छात्राओं को एक अनुशासित एवं उत्कृष्ट परेड करने के लिए बधाई दी गई।
सभी स्वतंत्रता संनानियों एवं संविधान सभा के सम्मानित सदस्या, जिनकी कठिन तपस्या एवं जुझारूपन के कारण आज हम इस दिन को मना रहे है, को नमन करते हुए कहा कि, हमें इस उल्लास भरे दिन में याद रखना चाहिए कि, यह दिन हमारे महान सेनानियों के बलिदान, त्याग और समर्पण का फल है।
इस अवसर पर सभी को संबोधित करते हुए महोदय द्वारा बतलाया गया कि, सिमडेगा पुलिस जिलान्तर्गत विधि-व्यवस्था संधारण, अपराध नियंत्रण, उग्रवाद नियंत्रण एसं अनुसंधान नियंत्रण हेतु लगातार प्रयत्नशील है। अपराध नियंत्रण के दृष्टिकोण से विगत वर्ष जिले के विभिन्न थाना/ओ0पी0 में अपराध के भिन्न-भिन्न शीर्षों में दर्ज किए गये काण्डों में कुल-94 गिरफ्तारी, 05 अवैध हथियार एवं 08 गोली बरामद की गई। इसके अतिरिक्त सिमडेगा पुलिस द्वारा अवैध गांजा तस्करी एवं मादक द्रव्य के कारोबार के सप्लाई चेन को तोड़ने की दिशा में कई उल्लेखनीय कारवाई किए गए हैं जिसके तहत् विगत वर्ष कुल-582.598 किलोग्राम अवैध गांजा एवं 4.34 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद कर जप्त करते हुए तस्करी में संलिप्त कुल-35 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

पिछले वर्ष सिमडेगा पुलिस के द्वारा दिनांक- 08.06.25 को बोलबा थानान्तर्गत समसेरा चर्च एवं दिनांक- 30.09.25 को मुफस्सिल थानान्तर्गत तुमडेगी चर्च में पल्ली पुरोहित एंव उनके सहकर्मियों को बंधक बनाकर मारपीट करने एवं डकैती की घटित घटना का उद्भेदन अपने तकनीकी सेवाआंे और अनुसंधान के बैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर जिलान्तर्गत घटित घटनाओं का सफलतापूर्वक किया गया तथा काण्ड में संलिप्त अंतर्राज्यीय गिरोह के कुल 17 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
इसी कड़ी में स्थायी(लाल) वारंट के निष्पादन एवं अपराधकर्मियों को यह संदेश देने के उद्देश्य से कि अपराध करके कोई बच नहीं सकता के तहत् सिमडेगा जिला में पुराने अपराधकर्मी जो कई वर्षों से विभिन्न काण्डों में फिरार चल रहे थे, की गिरफ्तारी हेतु माह अगस्त के अंतिम सप्ताह में आपरेशन रेड हंट: सिमडेगा पुलिस के नाम से विशेष अभियान आरंभ किया गया। इस विशेष अभियान के तहत् सिमडेगा पुलिस द्वारा अथक प्रयास करते हुए अब तक लगातार विभिन्न चरणों में अभियान चलाकर अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। अभियान के दौरान कुल- 151 स्थायी वारंट का निष्पादन किया गया है।
वर्तमान में मानव तस्करी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। आये दिन समाचार के विभिन्न माध्यमों द्वारा देश के विभिन्न क्षेत्रों से इस प्रकार की घटनाएँ सुनने को मिलती हैं। अतः सिमडेगा पुलिस द्वारा मानव तस्करी जैसी अमानवीय अपराधों के विरूद्ध ‘जीरोटोलरेंस‘नीति को अपनाते हुए मानव तस्करी की रोकथाम के लिए तीन स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है। पहला, तस्कर हुए बच्चों का रेस्क्यू, दूसरा, अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं तीसरा, समाज में जागरूकता का प्रसार। विगत वर्र्षाे में सिमडेगा पुलिस ने मानव तस्करी से संबंधित 02 दर्ज काण्डों में 03 तस्कर हुए बच्चों को सफलता पूर्वक रेस्क्यू एवं 03 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की है।
जिले की अधिकतम आबादी जिला मुख्यालय से काफी दूर ग्रामीण इलाकों के घने जंगलों एवं पहाड़ों के बीच बसती है। ऐसे में कई बार लोग सूचना एवं संचार साधनों के अभाव में सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही विभिन्न योजनाओं से अनभिज्ञ रह जाते हैं, सुविधाओं से कई बार वंचित रह जाते हैं। फलतः कई बार वे स्वयं को अलग-थलग समझकर मुख्यधारा से भटक कर गलत रास्ता अख्तियार कर लेते हैं। इसी को मद्देनजर रखते हुए सिमडेगा पुलिस ने सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रह रही आम जनता के लिए एक नवीन प्रयास कियाहै। हमारा यह प्रयास है कि दूरस्थ गाँव अथवा टोले में रह रहे लोगों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। हमनें सभी थाना/ओ0पी0 म ग्राम भ्रमण कार्यक्रम की शुरूआत की है। इसके अंतर्गत सभी थाना/ओ0पी0 में एक पुलिस पदाधिकारी को सामुदायिक पुलिस पदाधिकारी के रूप में चिह्नित किया गया है। ये पदाधिकारी अपने क्षेत्र के सभीगांवो/टोली का भ्रमण करते हैं तथा गांव/टोलों के लोगों को विभिन्न मुद्दे यथाः डायनप्रथा, साईबरअपराध, मानवतस्करी के सम्बंध मेंजागरूकता का प्रसार करने सहित जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर सरकारी लाभ उपलब्ध कराने का कार्य करते हैं। सामुदायिक पुलिस पदाधिकारी के कार्यों के अनुश्रवण हेतु अलग से एक सिविक ऐक्शन सेल का भी गठन किया गया है।
सामुदायिक पुलिसिंग के तहत् आमलोगों के समस्याओं व शिकायतों के त्वरित निष्पादन हेतु सिमडेगा पुलिस की ओर से लगातार पूरे जिले में पंचायतवार जन-शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत् जिला में विगत वर्ष कुल-547 जन-शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन किये गये। उक्त कार्यक्रम में लोग अपनी शिकायतों से जुड़े कुल-114 समर्पित आवेदनों में सभी आवेदनों का निष्पादन किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार विवाद या हत्या जैसी जघन्य अपराधों के मूल में भूमि विवाद का शामिल होना रहता है। सिमडेगा पुलिस द्वारा भूमि विवाद से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु थाना प्रभारी एवं अंचलाधिकारी के द्वारा संयुक्त रूप से प्रत्येक सप्ताह थाना प्रांगण में ‘थानादिवस‘ का आयोजन कर मामलों का निष्पादन कियाजा रहा है। वर्ष 2025 में विभिन्न थानों में कुल-298 थाना दिवस का आयोजन कर कुल-171 भूमि विवाद से संबंधित मामलों का निष्पादन किया गया है। इसके अतिरिक्त दिनांक-22.01.2025 को श्री अनूप बिरथरे, पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड जगुआर, झारखण्ड के द्वारा पुराने महिला थाना भवन में जनशिकायत सह सूचनाकेन्द्र का शुभारंभ पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित तथा प्रभावकारी निवारण एवं विभिन्न विषयों से संबंधित सूचना प्रदान करने हेतु किया गया है। इस केन्द्र पर टॉल फ्री नम्बर-18003455023 भी रखा गयाहै, जिस पर कॉल कर भी सूचनाएँ प्राप्त की जा सकती हैं। यह केन्द सभी कार्य-दिवस में 10ः00 बजे से 06ः00 बजे तक कार्य करेगा।

सिमडेगा नगरपरिषद् क्षेत्र के महत्वपूर्ण चौक-चौराहे एवं एन0एच0-143 पर यातायात को नियमित एवं नियंत्रित करने के उद्देश्य से अनुमंडल पुलिसपदाधिकारी, सिमडेगा के वरीय नियंत्रण में 02 पु0अ0नि0, 05 स0अ0नि0 एवं 18 कर्मियों का ेमिलाकर ‘‘यातायातनियंत्रण दल’’ का गठन किया गयाहै। इनका मुख्य दायित्व एन0एच0-143 पर यातायात को सुगम बनाए रखना, सड़क किनारे अनावश्यक पार्किंग को रोकना एवं अतिक्रमण पर नियंत्रण रखना है।
आज के बदलते समय में जैसे-जैसे तकनीकी की पहुँच आम-जनमानस तक हो रही है वैसे-वैसे अपराधियों द्वारा भी अपराध करने हेतु इसका प्रयोग किया जा रहा है। यह साईबर अपराध के रूप मंे फैल रहा है। साईबर अपराध की रोकथाम के लिए हमने साईबर सेल का गठन किया है। विगत वर्ष समडेगा जिलान्तर्गत साईबर से संबंधित 06 काण्ड दर्ज किये गये तथा 10 साईबर अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इसके अतिरिक्त विभिन्न सन्हा एवं ऑनलाईन शिकायतों के आधार पर कुल-4,21,683 (चार लाख इक्कीसहजार छः सौ तिरासी) रूपये की राशि फ्रिज कराई गई। साथ ही, पीड़ित व्यक्तियों को कुल-1,81,198 (एक लाख इकासीहजार एक सौ अंठानब्बे) रूपये की राशि वापस दिलायी गई।
वर्तमान में मोबाईल सिर्फ फोन ही नहीं बल्कि जीवन की जरूरत बन चुका है। ऐसे में सिमडेगा पुलिस द्वारा मोबाईल चोरी या गुम हो जान जैसी आम, लेकिन परेशान करने वाली घटनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इस कड़ी में जिलान्तर्गत भिन्न-भिन्न स्थानों से गुम एवं खोए मोबाईल फोन्स् की बरामदगी कर धारकों को वापस किया जा रहा है। विगत एक वर्ष में कुल-312 मोबाईल फोन्स् (स्मार्टफोन), जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 35,00000 (पैंतीस लाख) रूपयेसे अधिक की है, की बरामदगी कर धारकों को सही-सलामत वापस किया गया है।
सिमडेगा पुलिस लगातार आधारभूत संरचानाओं का ेसुदृढ़ करने हेतु प्रयासरत है। इसी कड़ी में दिनांक-15.01.2025 को महिलाथाना के नयाभवन का एवं हाल ही में दिनांक-21.01.2026 को पुलिस अधीक्षक, सिमडेगा के गोपनीय कार्यालय का उद्घाटन हुआ है। इसके अतिरिक्त ए0एच0टी0यू0 थाना भवन भी बनाया जा रहा है। इन भवनों की उपलब्धता का मुख्य उद्देश्य केवल पुलिस के रहने मात्र के लिए नहीं है, अपितु इसका मूल उद्देश्य यह है कि थानों पर आनेवाले शिकायतकर्त्ता सुगमता से अपनी शिकायतों का निष्पादन करा सके।
कानून व्यवस्था बनाये रखना अथवा अपराध नियंत्रण करना निश्चित रूप से पुलिस की जिम्मेवारी है, परन्तु पुलिस तब तक सफल नहीं हो सकती जब तक आम-जन मानस का साथ उसे न मिले। ये सभी उपलब्ध्यिाँ केवल पुलिस के प्रयास से संभव नहीं हो सकती थी, इनके पीछे आम-जनता का सहयोग, विश्वास और सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण रही है। यदि आज, सिमडेगा जिला उग्रवाद मुक्त है ता इसमें इस जिले की जनता का प्रमुख योगदान है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि जिलान्तर्गत उग्रवाद पुनः न पनपने पाए। इसी प्रकार जिला में अवैध शराब की पूर्णतः रोकथाम हेत आपके सहयोग की आवश्यकता है। वहीं सिमडेगा जिला में बढ़ती सड़क ुर्घटना की रोकथाम हेतु आम-जनमानस से अपील है कि सड़क सुरक्षा के नियमों का अनुपालन करते हुए अपने गांव-टोले के नव-युवकों से भी इसका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। मैं आप सभी से यह वादा चाहता हँू कि आप सड़क सुरक्षा के नियमों का अनुपालन करेंगे, अपराध अथवा अपराधियों का साथ
विश्वास ही हमारी बुनियाद है, जिसे मजबूत करने के लिए हम सभी को साथ आना होगा ताकि सिमडेगा जिला कानून व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में सदा अव्वल रहे।
“जय हिन्द, जय भारत, जय झारखण्ड”
राष्ट्रीय गाण की प्रस्तुति उर्सलाईन कॉन्वेंट बालिका उच्च विद्यालय सामटोली की बच्चियों के द्वारा किया गया।
स्वतंत्रता दिवस परेड में सम्मिलित सभी पुलिस कर्मियों, छात्र-छात्राओं को अनुशासित एवं उत्कृष्ट परेड करने के लिए प्रसस्ति पत्र पदान किया गया। साथ ही बोलबा थाना अन्तर्गत समसेरा चर्च तथा मुफस्सिल थानान्तर्गत तुमडेगी चर्च में घटित डकैती की घटना का उद्भेदन करने में शामिल टीम को, पु0अ0नि0 विकास कुमार महतो यातायात प्रभारी सिमडेगा को बेहतर यातायात नियंत्रण एवं वयवस्था के लिए तथा पु0अ0नि0 जितेन्द्र कुमार सिंह को अपने कर्तव्य का पालन मुस्तैदी के साथ करने के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।



