आन, बान और शान से लहराया तिरंगा, सिमडेगा ने मनाया 77वाँ गणतंत्र दिवस पूरे गौरव के साथ

सिमडेगा। जिले में 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सिमडेगा जिले में देशभक्ति, एकता और विकास की भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला। जिला मुख्य समारोह का आयोजन परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम, सिमडेगा में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में किया गया, जहाँ उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह ने आन, बान और शान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तिरंगे को सलामी दी। इस अवसर पर पूरा स्टेडियम “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “जय हिन्द” के नारों से गूंज उठा।
ध्वजारोहण के पश्चात उपायुक्त महोदया ने गणतंत्र दिवस परेड की सलामी ली।
इसके बाद जिले वासियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त महोदय ने कहा कि सिमडेगा जिले के मेरे प्रिय भाईयों, बहनों एवं प्यारे बच्चों जय हिन्द।
आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। आईज ई समारोह में उपस्थित सोउब माननीय जनप्रतिनिधि, अतिथिगण, जिला कर अधिकारी, कर्मचारी, हामर वीर जवान कर परिवार, भाई-बहिन, युवा साथी आउर सिमडेगा जिला कर राऊरे सऊब मन के मोर बट से जोहार।
आइज हमे सब हियां सिरिफ झंडा फहरैक लागीन नहीं बल्कि संविधान कर ताकत, लोकतंत्र कर गरिमा, आउर संविधान कर आत्मा के नमन करेक ले जुटल आही। 26 जनवरी ऊ दिन हेके जेखन भारत आपन किस्मत खुद लिखेक शुरू करलक आउर हर अमीर-गरीब, आदिवासी-दलित, सबके बराबर अधिकार देलक। ई तिरंगा सिरिफ झंडा न लगे, ई हेके लाखों बलिदान कर पहचान, संघर्ष कर गवाही, आउर हामर भविष्य कर जिम्मेदारी।
यह दिन हमें उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है, जब भारत ने अपना संविधान अपनाकर स्वयं को एक सम्प्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य घोशित किया था, जहां हर व्यक्ति को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय एवं गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार था, विचार, अभिव्यक्ति, वि वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता थी, अवसर की समता थी तथा राश्ट्र की एकता और अखण्डता अक्षुण्ण रखने के लिये सर्वस्व समर्पित कर देने का संकल्प था। आज इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, संविधान निर्माता बाबा साहेब भीम राव अम्बेदकर, धरती आबा बिरसा मुण्डा, झारखण्ड के गौरव दिशोम गुरू शिबू सोरेन को सिर झुकाकर नमन है। आज उन अमर बलिदानियों को भी नमन करने का क्षण है, जिनके त्याग, तप और बलिदान से हमें स्वतंत्रता और संविधान जैसा अमूल्य उपहार मिला। साथ ही, हमारे वीर सैनिकों, अर्द्धसैनिक बलों, पुलिस के जवानों और शहीदों को भी सादर नमन, जिन्होंने अपने प्यारे देश की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व उत्सर्ग कर दिया।
सिमडेगा की धरती भी उन वीर बालिदानियों से भरी है और उनकी बदौलत ही आज इस परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में यह तिरंगा भाान से लहरा रहा है और हमें अपने जिले, राज्य और राश्ट्र की उन्नति के लिए हर पल, हर क्षण प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा दे रहा है।
और अब गर्व का वह क्षण है जब हम अपने जिले की उपलब्धियों और विकास यात्रा को आपके समक्ष रखते हैं। गुजरा हुआ 2025 का यह वर्ष हमारे जिले के लिए केवल समय की गणना नहीं बल्कि परिवर्तन, प्रगति और जनवि वास का साक्षी रहा है। जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता, जनप्रतिनिधियों के सहयोग और जनता की सहभागिता से प्रशासन ने यह सिद्ध किया है कि योजनाएँ अब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँच रही है। जिला प्रशासन ने विकास कार्यों के साथ-साथ हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने का भी सार्थक प्रयास किया है। आज हम पूरे आत्मवि वास के साथ बोल सकते हैं कि हमारा प्यारा सिमडेगा जिला विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर संतुलित प्रगति की ओर अग्रसर है।
सिमडेगा : विकास, समर्पण और समावेशन की प्रेरक गाथा
उपायुक्त महोदया ने अपने संबोधन में कहा कि यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि आकांक्षी जिला सिमडेगा ने राष्ट्रीय स्तर पर समग्र विकास के क्षेत्र में देश में 9वाँ स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले के लिए गौरव का विषय है और जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों तथा आम जनता के सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल है।
इसके साथ ही आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत बांसजोर प्रखंड ने 100 प्रतिशत संतृप्ति प्राप्त करते हुए सिल्वर मेडल अर्जित किया है, जो जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का सशक्त प्रमाण है।
शिक्षा : विकास की मजबूत नींव
शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है और किसी भी समाज की प्रगति का आधार भी। सिमडेगा जिले में वर्तमान में सरकारी एवं सरकार द्वारा सहायता प्राप्त कुल 982 प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है।
परिवार और समाज की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार विशेष शिक्षक-अभिभावक बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में सामूहिक जिम्मेदारी सुनिश्चित हो सके।
छात्रों को शिक्षा से जोड़ने एवं ड्रॉप-आउट रोकने के लिए निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, स्कूल किट, साइकिल, पोशाक एवं मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
जिला प्रशासन की एक विशिष्ट पहल के रूप में कक्षा 8 से 12 तक के छात्र-छात्राओं हेतु Career Guidance Programme संचालित किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी अपने भविष्य के प्रति जागरूक, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बन सकें।
वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से CM School of Excellence सहित जिले के चार विद्यालयों में STEM LAB की स्थापना की स्वीकृति दी गई है।
आदिवासी, दलित एवं वंचित वर्गों का शैक्षणिक उत्थान
आदिवासी, दलित, पिछड़े एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति हेतु कल्याण विभाग द्वारा विगत वर्ष 8 करोड़ 74 लाख 7 हजार 100 रुपये की छात्रवृत्ति राशि वितरित की गई है। इसके अतिरिक्त 2305 छात्र-छात्राओं के बीच साइकिल वितरण किया गया।
अनुसूचित जनजाति के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए जिले में 03 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, 01 आश्रम आवासीय विद्यालय एवं 01 अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत 72 लाभुकों को स्वरोजगार हेतु 4 करोड़ 27 लाख रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई।
जिले की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने हेतु 114 धुमकुड़िया भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त है, साथ ही पारंपरिक वाद्य यंत्र एवं सरना पूजन सामग्री की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा की गई है।
रोजगार एवं कौशल विकास
जिला नियोजनालय-सह-जिला कौशल कार्यालय द्वारा भर्ती कैंप एवं रोजगार मेलों का आयोजन कर 179 युवक-युवतियों का चयन रोजगार हेतु किया गया।
मुख्यमंत्री सारथी योजना के अंतर्गत 2580 बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिनमें से 1174 युवाओं को ऑफर लेटर भी प्रदान किए गए।
यह प्रयास जिले के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहे हैं।
समाज कल्याण : मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
समाज कल्याण विभाग द्वारा मातृ एवं शिशु पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत हजारों लाभुकों को आच्छादित किया गया है।
25 हजार से अधिक स्कूल-पूर्व बच्चों को प्रतिदिन गर्म, ताजा पका भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है तथा शीत ऋतु में गर्म कपड़ों का वितरण किया गया है।
आंगनबाड़ी केंद्र गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं किशोरी बालिकाओं के समग्र विकास का प्रभावी मंच बनकर उभरे हैं।
विक्टिम कम्पनसेशन के तहत 16 लाख रुपये का भुगतान किया गया है तथा देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले 250 से अधिक बच्चों को प्रतिमाह 4000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
सरकार की प्राथमिकता है कि जिलेवासियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो। सिमडेगा जिले में हिमाटोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री, क्लीनिकल पैथोलॉजी एवं सेरोलॉजी की जाँच सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
अल्ट्रासाउंड मशीन की आवश्यकता को देखते हुए त्वरित समाधान करते हुए अल्ट्रासाउंड मशीन की स्थापना की गई है।
डायलिसिस केंद्र सफलतापूर्वक संचालित है और सदर अस्पताल सहित कुल 9 स्वास्थ्य संस्थानों को भारत सरकार द्वारा NQAS प्रमाणन प्रदान किया गया है।
चिकित्साकर्मियों की कमी दूर करने हेतु 70 रिक्त पदों पर नियुक्ति की गई है। सदर अस्पताल में सभी प्रकार की सर्जरी एवं उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने हेतु सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। जिले में 7500 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 89,000 महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं।
जिले में 8 ‘पलाश दीदी कैफे’ संचालित हैं, जो रोजगार के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण भोजन भी उपलब्ध करा रहे हैं।
कोलेबिरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा ‘पलाश ब्रांड’ के अंतर्गत रागी सुपरफूड उत्पादों ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।
फूलो-झानो आशीर्वाद योजना से 54,210 लाभुकों को वैकल्पिक रोजगार हेतु 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।
आवास : हर व्यक्ति के सिर पर छत
सरकार का संकल्प है कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी सुरक्षित आवास मिले। जिले में लगभग 41 हजार प्रधानमंत्री आवास, 1421 बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास तथा 74 PMJANMAN आवास स्वीकृत किए गए हैं।
अबुआ आवास योजना के अंतर्गत 9211 आवासों की स्वीकृति दी गई है।
शहरी एवं आधारभूत सुविधाएँ
शहरी क्षेत्रों में 3456 गृहविहीन व्यक्तियों को आवास उपलब्ध कराया गया है।
मुख्य मार्गों पर स्ट्रीट लाइट अधिष्ठापन का कार्य प्रगति पर है।
व्यवसाय को बढ़ावा देने हेतु 46 दुकानों का निर्माण कर आवंटन किया गया है।
जिले का पहला Fecal Sludge Treatment Plant पूर्ण किया जा चुका है।
कृषि, जल संरक्षण, पशुपालन, मत्स्य, श्रम, खेल एवं संस्कृति
कृषि, जल संरक्षण, पशुपालन, मत्स्य पालन, श्रमिक कल्याण, खेल अवसंरचना, संस्कृति एवं पर्यटन—सभी क्षेत्रों में सिमडेगा जिले ने संतुलित विकास की मिसाल पेश की है। बीज वितरण, ऋण सहायता, सिंचाई, जलछाजन, पशुधन DBT, खेल मैदान, एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम, रामरेखा धाम महोत्सव जैसे प्रयासों ने जिले की पहचान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
अंत में उपायुक्त महोदया ने कहा कि आइज गर्व कर बात हेके कि झारखण्ड कर माटी के समझे वाला, किसान-मजदूर, व्यापारी-कर्मी, भाोशित वंचित समाज कर दर्द के महसूस करेक वाला हामर मुख्यमंत्री माननीय श्री हेमंत सोरेन जी कर नेतृत्व में जिला प्रशासन लगातार जनता कर हित लागीन मजबूती से काम करथे। जे भरोसा जनता में जगाहे ऊ झारखण्ड कर विकास के दिशा देक लागीन हेके। आइज कर दिन हम सउब के संकल्प लेवे कर दिन हेके कि सरकार के जनकल्याणकारी सोच के मजबूत करेक में जिला प्रशासन आउर सऊब जनता कंधा-से-कंधा मिलाय के काम करब। एहे संकल्प कर साथ राउरे साउब मन के गणतंत्र दिवस कर ढेर सारी बधाई आउर शुभकामनएँ।
विकास मेला, सम्मान और झांकियाँ बनीं आकर्षण का केंद्र
गणतंत्र दिवस के अवसर पर विकास मेला का उद्घाटन माननीय विधायक सिमडेगा श्री भूषण बाड़ा एवं उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह द्वारा किया गया। विकास मेला में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों और कृषि प्रदर्शनी का निरीक्षण किया गया।
जिले के विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
ग्रामीण विकास, कल्याण, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, भूमि, संरक्षण, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग, परिवहन, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, जेएसएलपीएस सिमडेगा, पर्यटन एवं खेल विभागों द्वारा प्रस्तुत झांकियाँ समारोह का मुख्य आकर्षण रहीं।
गरिमामयी उपस्थिति
मुख्य समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजीव कुमार सिन्हा, माननीय विधायक कोलेबिरा श्री नमन विक्सल कोंगाड़ी, माननीय विधायक सिमडेगा श्री भूषण बाड़ा, वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री शशांक शेखर सिंह, उप विकास आयुक्त श्री दीपांकर चौधरी, अपर समाहर्ता श्री ज्ञानेन्द्र, अनुमंडल पदाधिकारी श्री प्रभात रंजन ज्ञानी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।



