DISHA बैठक में विकास योजनाओं की गहन समीक्षा, लंबित कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

सिमडेगा। जिले में विकास कार्यों की प्रगति को लेकर जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की समीक्षात्मक बैठक का आयोजन माननीय सांसद, खुंटी लोकसभा क्षेत्र कालीचरण मुण्डा की अध्यक्षता में किया गया। बैठक से पूर्व उपायुक्त सिमडेगा कंचन सिंह ने माननीय सांसद का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया, वहीं पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंनगाड़ी का स्वागत किया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग, नगर परिषद अध्यक्ष ओलिवर लकड़ा, विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं उनके प्रतिनिधियों का भी सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।
बैठक में दिनांक 25 सितंबर 2025 को आयोजित पूर्व DISHA बैठक के अनुपालन प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों—प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), पथ निर्माण, राष्ट्रीय उच्च पथ, पेयजल एवं स्वच्छता, आईटीडीए, भूमि संरक्षण, बैंकिंग, जेएसएलपीएस, शिक्षा, बीएसएनएल, विद्युत, स्वास्थ्य, कृषि, सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य एवं खनन विभाग—की विस्तृत समीक्षा की गई।
सड़क योजनाओं पर विशेष फोकस
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 450 राजस्व ग्रामों में से 414 को सड़क संपर्क से जोड़ा जा चुका है। 100 से अधिक आबादी वाले 141 गांव-टोलों में से 279 को PMGSY/MMGSY के तहत जोड़ दिया गया है, जबकि शेष 151 टोलों को जोड़ने के लिए PMGSY-IV के अंतर्गत सर्वे कराया गया है। कुल 99 पथों (333 किमी) का सर्वे पूरा हो चुका है, जिनमें से 24 पथों (92.5 किमी) का DPR तैयार कर स्वीकृति हेतु भेजा गया है। सांसद ने DPR की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

अंबापानी–सलंगापोस एवं कुटिनया–छुरिया सड़क के शेष 700 मीटर कार्य को एक माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। केरया से उड़ीसा सीमा तक भारी वाहनों के परिचालन से सड़क क्षतिग्रस्त होने की शिकायत पर रोक लगाने और नियमित जांच अभियान चलाने को कहा गया। जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि 29 वाहनों पर कार्रवाई की गई है। REO को सड़कों की गुणवत्ता पर मिली शिकायतों के संदर्भ में निरीक्षण के निर्देश भी दिए गए।
ठेठईटांगर क्षेत्र में झुरिया से उड़ीसा बॉर्डर तक लंबित सड़क कार्य शीघ्र शुरू करने की जानकारी दी गई, वहीं बोलबा-बेलकुबा-टकबाहर मार्ग के चौड़ीकरण हेतु वन विभाग की स्वीकृति लंबित होने की बात सामने आई। जोराम-उड़ीसा एवं सिमडेगा-कुरडेग सड़क परियोजनाओं को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय उच्च पथ पर कड़ी टिप्पणी
NH-कोलेबिरा से मनोहरपुर सड़क चौड़ीकरण कार्य में देरी पर सांसद ने संवेदक को ब्लैकलिस्ट करने की बात कही। विधायक ने भूमि अधिग्रहण मामलों में मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। NH-143 के ठेठईटांगर क्षेत्र में सड़क संरेखण सुधारने, सिमडेगा शहर क्षेत्र में चौड़ीकरण तथा कोलेबिरा घाटी में सड़क विस्तार के लिए DPR भेजे जाने की जानकारी दी गई। साहू पेट्रोल पंप के समीप जल निकासी की समस्या के समाधान हेतु नाली एवं पुलिया निर्माण का निर्देश दिया गया।
पेयजल योजनाओं की स्थिति में सुधार करने के दिये निर्देश
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 16 बड़ी जलापूर्ति योजनाएं हैं, जिनमें 4 बंद हैं। सभी बंद योजनाएं पूर्व में ही ग्राम जल स्वच्छता समिति को संचालन हेतु हस्तांतरित की गई है। 468 छोटी योजनाएं जलस्तर गिरने के कारण प्रभावित हुई हैं, जिनके पुनरुद्धार हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। सांसद ने जल संचयन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सशक्त बनाने और जलकर संग्रहण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
आईटीडीए की योजनाओं में पारदर्शिता एवं वनाधिकार पर प्रतिमाह बैठक की सलाह
आईटीडीए के अंतर्गत आदिम जनजाति परिवारों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। जिले के 320 परिवारों को आवास, बिजली एवं पेयजल उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। वन अधिकार अधिनियम के तहत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया तथा प्रतिमाह निष्पादन हेतु बैठक करने के विधानसभा में माननीय मंत्री के आश्वासन का अनुपालन की अपेक्षा की गई। सरना-मसना घेराबंदी कार्य में गुणवत्ता सुधार, फर्जी लाभुक समितियों पर निगरानी और पेसा नियमावली के तहत ग्राम सभा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ग्राम सभा के सदस्यों के सत्यापन भी की जानी चाहिए।
कृषि क्षेत्र में तैयारी पर जोर देते हुए कहा गया कि
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार कम वर्षा की संभावना को देखते हुए किसानों को कम पानी वाली फसलों के चयन के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया। बीज वितरण, फसल बीमा और ग्राम स्तर पर सूचना प्रसार की आवश्यकता बताई गई। जिले में 900 किसानों को खरीफ बीज तथा 10,000 किसानों को रबी बीज वितरित किए गए हैं। 1320 किसानों की मृदा जांच की गई है और वर्तमान खरीफ हेतु 4440 क्विंटल बीज मंगाए गए हैं। सांसद ने लेमन ग्रास खेती को बढ़ावा देने की सलाह दी।
पशुपालन, मत्स्य और भूमि संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री पशुधन योजना के तहत 99 किसानों को गाय वितरण की जानकारी दी गई। भूमि संरक्षण विभाग ने 32 तालाबों के जीर्णोद्धार एवं 108 नए तालाब निर्माण की जानकारी दी, जिस पर विधायक ने सूची उपलब्ध कराने को कहा। मत्स्य विभाग द्वाराबताया गया कि जिले में 8600 मीट्रिक टन मछलीउत्पादन किया गया है। इसके लिए अधिक उत्पादन हेतु समय पर बीज वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैंकिंग एवं रोजगार योजनाएं
अग्रणी बैंक प्रबंधक द्वारा बैंकिंग सुविधाओं की समीक्षा की गई। बोलबा में केवाईसी में देरी की शिकायत पर सुधार के निर्देश दिए गए। वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान एवंबैठने की व्यवस्था करने की बात माननीय विधायक ने रखी। PMEGP योजना के तहत अधिक से अधिक रोजगार सृजन पर बल दिया गया।
शिक्षा एवं बुनियादी सुविधाएं
जिले में 74 विद्यालय जर्जर स्थिति में हैं और 23 विद्यालयों में पेयजल की समस्या है। 11 विद्यालयों की मरम्मत डीएमएफटी फंड से स्वीकृत की गई है। आठ विद्यालयों में शौचालय निर्माण कार्य प्रारंभ है। आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत प्राइवेट विद्यालयों में बी पी एल परिवार के बच्चों का नामांकन हेतु ऑनलाइन फार्म भरने में सहयोग करने की बात कही गई।
महिला समूह एवं नेटवर्क कनेक्टिविटी पर विशेष बल देते हुए कहा गया कि
जेएसएलपीएस के तहत 7500 स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण दिया गया तथा 20,000 परिवारों को ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में कार्य किया गया है। उनकी आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही, जिले के नेटवर्क शैडो क्षेत्रों में दूरसंचार सुविधा सुधारने के निर्देश दिए गए।खनन विभाग द्वारा ग्रेड 1 के बालू घाटों की सर्वे कर बढ़ाई जाय ताकि विकास कार्यो को गति दी जा सके।शहरी क्षेत्र के विकास में बालू की व्यवस्था बाधक न बने इसका ध्यान रखा जाय।स्वास्थ्य विभाग को सर्पदंश से लोगो को बचाने हेतु वेनम की मुक्कमल व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के अंत में सांसद एवं जनप्रतिनिधियों ने सभी विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्ता पूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, वन प्रमंडल पदाधिकारी शशांक शेखर सिंह,विधयक प्रतिनिधि सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



