रीवा में शराब माफिया का खेल: कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के सामने बड़ी चुनौती, ओवररेटिंग पर कब लगेगा लगाम?

रीवा में इन दिनों शराब माफिया का मुद्दा सुर्खियों में है। जिले में नवागत कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अवैध वसूली और शराब सिंडिकेट पर लगाम कसने की है। प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर शराब बिक्री को लेकर जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जनता की जेब पर असर, माफिया बेखौफ
सूत्रों के अनुसार, रीवा के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शराब दुकानों पर ओवररेटिंग का खेल खुलेआम जारी है। प्रिंट रेट से ज्यादा कीमत वसूलना अब आम बात बन चुकी है।
इससे साफ संकेत मिलता है कि शराब माफिया पर प्रशासन का डर कम होता जा रहा है, और आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
आबकारी विभाग पर उठ रहे सवाल
मामले में आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग की सुस्ती या संभावित मिलीभगत के कारण यह अवैध वसूली का नेटवर्क फल-फूल रहा है।
कलेक्टर की सख्ती से बढ़ी उम्मीदें
कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी अपनी सख्त और ईमानदार कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पहले भी कई मामलों में सख्त कार्रवाई कर अपनी छवि बनाई है।
अब रीवा की जनता को उम्मीद है कि वे शराब माफिया के खिलाफ कड़े कदम उठाएंगे।
क्या थमेगा शराब सिंडिकेट?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है:
क्या ओवररेटिंग पर रोक लगेगी?
क्या अवैध अहातों पर कार्रवाई होगी?
क्या लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिरेगी?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई तय करेगी।



