वैदिक समिति संगठन द्वारा प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में बाल विवाह रोकने के लिए ‘सतर्कता दिवस’ कार्यक्रम का हुआ आयोजन

बरवाडीह। अक्षय तृतीया के अवसर पर वैदिक समिति संगठन द्वारा प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में बाल विवाह रोकने के लिए ‘सतर्कता दिवस’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान में जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर, प्रखंड विकास पदाधिकारी रेखा रेशमा मिंज, एनजीओ के जिला समन्वयक प्रेम कुमार सहित कई अधिकारी, कर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।जागरूकता कार्यक्रम के तहत टीम ने प्रखंड के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पहुंचकर लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई और इसके दुष्परिणामों की जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने कहा कि बाल विवाह न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि यह नाबालिग बच्चियों के जीवन के साथ गंभीर खिलवाड़ भी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए केवल अभिभावक ही नहीं, बल्कि विवाह में शामिल होने वाले और इसे देखने वाले सभी लोग जिम्मेदार होते हैं। इसलिए समाज के हर व्यक्ति को मिलकर इस कुप्रथा को रोकने और जागरूकता फैलाने की जरूरत है।वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारी रेखा रेशमा मिंज ने कहा कि बाल विवाह रोकने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस कुप्रथा से न केवल एक बच्ची का भविष्य प्रभावित होता है, बल्कि इसका दुष्प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक पड़ता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बाल विवाह जैसे जघन्य अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।कार्यक्रम के दौरान एनजीओ से जुड़े सदस्यों ने बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि इस अपराध में शामिल लोगों को दो साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है, जो लड़का-लड़की पक्ष सहित विवाह में शामिल सभी लोगों पर लागू होता है।इस अवसर पर सुपरवाइजर रानी कुमारी, एलिजाबेथ टोपनो, सेविका शोभा देवी, प्रेमा देवी, एनजीओ की संगीता सिंह, दीप नारायण यादव, प्रेम देवी, उषा देवी, पूनम देवी, रीता देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।



