जगदर गांव में भव्य कलश शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ तीन दिवसीय सीताराम धुनी यज्ञ, सैकड़ों श्रद्धालु हुए शामिल

बेगूसराय। जिले के वीरपुर प्रखंड स्थित जगदर गांव में सोमवार को धार्मिक उमंग और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला। श्रद्धा और उत्साह के बीच तीन दिवसीय सीताराम धुनी यज्ञ का शुभारंभ पारंपरिक कलश शोभायात्रा के साथ धूमधाम से किया गया। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन की धुन पर सजी-धजी शोभायात्रा ने पूरे गांव को भक्तिमय माहौल से सराबोर कर दिया।दुर्गा स्थान से विधिवत रूप से प्रारंभ हुई कलश शोभायात्रा में कलश को पवित्र जल से भरकर मंगल कलश के रूप में स्थापित किया गया। यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों मुख्य बाजार, स्कूल रोड, मंदिर परिसर और ग्रामीण सड़कों का भ्रमण करती हुई यज्ञ स्थल पर पहुंची। वैदिक पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच कलश की स्थापना की गई, जो यज्ञ के प्रारंभ का प्रतीक था।
शोभायात्रा में महिलाएं साड़ी-चूड़ियों से सजकर, पुरुष धोती-कुर्ता पहनकर और बच्चे भगवा वस्त्रों में शामिल हुए। भगवान सीताराम के जयकारे, ‘जय सियाराम’ और ‘हर हर महादेव’ के नारे गूंजते रहे।शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण, महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए। गांव की प्रमुख हस्तियां, पंचायत प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। एक वृद्ध ग्रामीण ने बताया, यह यज्ञ हमारी परंपरा को जीवंत रखने का माध्यम है। सीताराम धुनी यज्ञ से गांव में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। पूरा गांव भक्ति रस में डूब गया, और घर-घर में पूजा-अर्चना का दौर चल पड़ा।यज्ञ का महत्व और भावी कार्यक्रमसीताराम धुनी यज्ञ जगदर गांव की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, जो भगवान राम और सीता की कथा पर आधारित है। तीन दिनों तक हवन, यज्ञ और धार्मिक सत्संग आयोजित होंगे। आयोजकों के अनुसार, अंतिम दिन विशाल भंडारे का भी प्रबंध है, जिसमें हजारों लोग प्रसाद ग्रहण करेंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक है, बल्कि सामाजिक एकता को मजबूत करने वाला भी है। स्थानीय प्रशासन ने शोभायात्रा के दौरान यातायात और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। इस तरह के धार्मिक आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



