बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनान्तर्गत बेटियों के नाम वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन 

Tree plantation program organized in the name of daughters under the Beti Bachao Beti Padhao scheme.

कटोरिया/बांका। जिला पदाधिकारी बाँका  नवदीप शुक्ला के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास निगम, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन बाँका द्वारा राष्ट्रीय बालिका दिवस, 2026 के अवसर पर बाँका जिले के  उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय सगुनिया उर्दू, धोरैया, में बालिकाओं के दुरदर्शी, संवेदनशील, समाजोपयोगी, सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने हेतु विद्यालय में बेटियों के नाम वृक्षारोपण किया गया।

इसका उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण के संदेश को प्रकृति संरक्षण से जोड़ना है। इस अभियान में जन्म लेने वाली बेटियों, विद्यालय में प्रवेश लेने वाली छात्राओं अथवा विशेष अवसरों पर उनके नाम से पौधे लगाए जाते हैं और उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लिया जाता है।

उक्त कार्यक्रम का संचालन कर रहे जेंडर स्पेशलिस्ट मोहम्मद महबूब आलम  जिला हब फॉर एम्पॉवरमेंट ऑफ वीमेन बांका द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय बालिका दिवस जो हर साल 24 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा और कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। पूरे भारत में मनाया जाने वाला यह दिवस एक ऐसा वातावरण बनाने का लक्ष्य रखता है जहां बालिकाओं को लैंगिक भेदभाव से मुक्त समान अवसर प्राप्त हों। राष्ट्रीय बालिका दिवस उन असमानताओं को उजागर करता है जिनका सामना बालिकाएं आज भी कर रही हैं और समाज को अधिक समावेशी, लैंगिक-तटस्थ दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। बेटियों के नाम लगाए गए पौधे उनके जीवन की तरह ही समय के साथ बढ़ते और फलते-फूलते हैं। यह प्रतीकात्मक रूप से यह संदेश देता है कि जैसे पौधों को पोषण, संरक्षण और देखभाल की आवश्यकता होती है, वैसे ही बेटियों को भी समान अवसर, शिक्षा और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। जब परिवार और समुदाय मिलकर इन पौधों की देखरेख करते हैं, तो उनमें बेटियों के प्रति जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच विकसित होती है।

बेटियों के नाम वृक्षारोपण एक संदेश है कि बेटी बोझ नहीं, बल्कि समाज की शक्ति है। जैसे वृक्ष जीवन का आधार हैं, वैसे ही बेटियाँ राष्ट्र के भविष्य की नींव हैं। यह पहल समानता, सम्मान और सतत विकास की दिशा में एक सशक्त कदम बताया गया।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक अब्दुल हाकिम एवं वित्तीय साक्षरता में विशेषज्ञ शेखर कुमार दास ने कहा कि आज के समय में साइबर से होने वाले क्राइम से खासकर लड़कियों को बचने कि ज़रूरत है। कार्यक्रम के अंत में जेंडर स्पेशलिस्ट श्रीकांत कुमार द्वारा बाल विवाह रोकथाम हेतु शपथ दिलाया गया इस मौके पर विद्यालय के शिक्षिका कुमारी अमृता एवं अन्य शिक्षक और छ्त्राएँ आदि मौजूद थे।

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