खार्ग द्वीप पर हमला: ट्रंप का दावा, ईरान की ‘लाइफलाइन’ क्यों है यह द्वीप?

खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हमला? ट्रंप का दावा – सैन्य ठिकाने तबाह, क्यों कहा जाता है ईरान की ‘ऑयल लाइफलाइन’
डोनाल्ड ट्रंप का दावा कि खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हमले में सैन्य ठिकाने नष्ट हुए। जानिए क्यों ईरान के लिए खार्ग द्वीप इतना महत्वपूर्ण है और मध्य पूर्व के तनाव में इसकी क्या भूमिका है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि उनके आदेश पर अमेरिकी सेंट्रल कमान ने मध्य पूर्व के इतिहास के सबसे शक्तिशाली हवाई हमलों में से एक को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में ईरान के खार्ग द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया गया है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा कि खार्ग द्वीप ईरान की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्तियों में से एक है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मानवीय और नैतिक कारणों से द्वीप के तेल ढांचे को निशाना नहीं बनाया गया।
मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव
अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पूरे मध्य पूर्व में तेल रिफाइनरियों और तेल भंडारण केंद्रों पर हमले तेज हो गए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसराइल पहले ही ईरान की राजधानी Tehran के रेय, शहरान और अकदसियेह इलाकों में स्थित तेल डिपो को निशाना बना चुका है। इसके अलावा Karaj शहर के फरदिस क्षेत्र में भी हमला किया गया।
इसराइली सेना का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य उन ईंधन टैंकों को नष्ट करना था, जिन्हें ईरानी सरकार कथित रूप से सैन्य डिपो के रूप में इस्तेमाल कर रही थी।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए फारस की खाड़ी के कई देशों में तेल रिफाइनरियों और तेल भंडारण केंद्रों पर हमले किए हैं। इससे पूरे क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
क्यों अहम है खार्ग द्वीप?
Kharg Island ईरान के लिए बेहद रणनीतिक महत्व रखता है। यह द्वीप देश के सबसे बड़े तेल भंडार और निर्यात केंद्रों में से एक है।
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ईरान के लगभग 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप से होता है
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यह फारस की खाड़ी में स्थित एक प्रमुख तेल टर्मिनल है
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यहां से दुनिया के कई देशों को तेल भेजा जाता है
इसी वजह से खार्ग द्वीप को अक्सर ईरान की “ऑयल लाइफलाइन” कहा जाता है।
पहले भी रहा है संभावित लक्ष्य
विशेषज्ञों के अनुसार, जून में हुए 12 दिन के युद्ध से पहले भी खार्ग द्वीप का नाम इसराइल के संभावित सैन्य लक्ष्यों में शामिल किया गया था। माना जाता है कि अगर इस द्वीप पर बड़ा हमला होता है तो इससे ईरान की तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।



