शिक्षा मानव जीवन का मूल आधार है : प्रेम कुमार

पटना। बल्ड विनर स्कूल के वार्षिकोत्सव में छात्र छात्राओं ने मनमोहक प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरी। समारोह के मुख्यअतिथि गांधीवादी प्रेम जी संस्थापक प्रेम यूथ फाउंडेशन ने अपने संबोधन में कहा कि संस्कार युक्त शिक्षा मानव जीवन का मूल आधार है। अब समय आ गया है कि हम लोग मैकाले शिक्षा पद्धति को समाप्त कर बुनियादी शिक्षा की ओर कदम बढ़ाया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति में बच्चों को पहाड़, जंगल, नदी, खेत और खलिहान में जायेगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हमारे सामने गम्भीर खतरा है मोबाइल इसे बच्चों से दूर रखें। मोबाइल से बच्चों के मस्तिष्क का विकाश अवरोध हो रहा है।
यह हमारे छात्र छात्राओं के लिए मीठा जगर के समान है। तकनीक का उयोग बहुत ही सोच समझ कर करना है कही विकाश के नाम पर हम विनाश के कगार पर तो नही पहुँच गये है। बच्चों को नैतिक शिक्षा पर बल देने की जरूरत है। हमारी शिक्षण संस्थानों ने डॉक्टर, इंजीनियर, जज, कलेक्टर बनाने की होड़ में आदमी बनाना ही भूल गया है। भारत का गौरवशाली अतीत रहा है हमारे गुरुकुल से राम, कृष्ण, गौतम और महावीर बनते थे। हम नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला विश्वविद्यालय चलाते थे जहाँ दुनिया भर से विद्यार्थियों ने शिक्षा प्राप्त किया। उन्होंने छात्र छात्राओं से लक्ष्य का निर्धारण कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। बच्चों नारी शिक्षा एवं दहेज प्रथा पर लघु नाटक की प्रस्तुति किया। मौके स्कूल के निदेशक, प्रचार्य , शिक्षक के साथ हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।



