वीरपुर में सड़क हादसा: सहुरी के रंजन पासवान की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु
हेलमेट न पहनने की कीमत चुकाई सहुरी के पेटी ठेकेदार ने, मौत

बेगूसराय। जिले के वीरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सहुरी गांव में रविवार देर शाम एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना में 35 वर्षीय युवक रंजन पासवान की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा बेगूसराय-वीरपुर संजात पथ पर कारीचक लतराही के समीप घटित हुआ, जहां तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक परिवार को हमेशा के लिए तोड़ दिया। मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक रंजन पासवान अपने ग्रामीण मित्र गौरव कुमार (पिता- नेपो चौधरी) के साथ बाइक पर सवार होकर लड़ुवारा नाश्ता करने जा रहे थे।
इसी दौरान बेगूसराय की ओर से आ रही एक अन्य बाइक ने अचानक चकमा दे दिया। इस जोरदार धक्के से रंजन का संतुलन बिगड़ गया और उनकी बाइक सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में पलटकर जा गिरी। हादसे की तीव्रता इतनी थी कि बाइक चला रहे रंजन गंभीर रूप से जख्मी हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल बेगूसराय सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस सड़क हादसे में रंजन के साथ बैठे गौरव कुमार को भी गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत स्थिर है, लेकिन पूर्ण रूप से खतरे से बाहर होने में अभी समय लगेगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क पर गड्ढों और लापरवाह ड्राइविंग ने इस हादसे को अंजाम दिया।रंजन पासवान सहुरी गांव के रहने वाले थे और बाहर ठेकेदारी का काम करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। वे एक पेटी ठेकेदार के रूप में जाना जाते थे, जिनकी मेहनत से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही थी।
उनकी अचानक मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। पिता विरंची पासवान, माता, भाई-बहन और अन्य परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और लोग हेलमेट न पहनने को दुर्घटना की मुख्य वजह बता रहे हैं। एक ग्रामीण ने कहा, “अगर हेलमेट होता तो शायद जान बच जाती।”जानकारी मिलते ही वीरपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस दूसरे बाइक सवार की तलाश में जुटी है और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह हादसा बिहार की सड़कों पर बढ़ते गड्ढों, लापरवाह ड्राइविंग और हेलमेट की अनदेखी को आईना दिखाता है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल कदम उठाए।



