महाशिवरात्रि के अवसर पर इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता असीम आस्था और श्रद्धा का परिचायक है : उपायुक्त
उमंग, उत्साह, खुशी, श्रद्धा, भक्ति एवं आस्था का है दिन

देवघर। महाशिवरात्रि के अवसर पर पर्यटन विभाग द्वारा आज के.के.स्टेडियम से निकाली जाने वाली शिव बारात को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा, पुलिस अधीक्षक सौरभ एवं उपस्थित अतिथियों ने सयुंक्त रूप से रवाना किया। इस दौरान उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त रोहित सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी शैलश प्रियदर्शी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती, जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार एवं संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित थे।
इसके अलावा उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री नमन प्रियेश लकड़ा ने सभी का स्वागत करते हुए महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं सभी को दी। आगे उन्होंने कहा कि आज का यह पावन अवसर अत्यंत विशेष है, क्योंकि अभी कुछ ही देर में के.के.एन स्टेडियम से भव्य शिव बारात का शुभारंभ होने जा रहा है। शिव बारात केवल एक धार्मिक शोभायात्रा नहीं, बल्कि हमारी लोक-परंपरा, सांस्कृतिक उत्साह और सामूहिक आस्था का जीवंत स्वरूप है। आगे उन्होंने कहा भगवान शिव की बारात अद्भुत मानी जाती है, इसमें देव, दानव, योगी सभी सम्मिलित होते हैं। यह हमें यह संदेश देती है कि महादेव सबको स्वीकार करते हैं।
उनके द्वार पर कोई भेदभाव नहीं है न जाति का, न वर्ग का, न स्थिति का। शिव समावेशिता और समानता के प्रतीक हैं। आज स्टेडियम से निकलने वाली यह शिव बारात पूरे नगर में उत्साह और भक्ति का संचार करेगी। मैं सभी श्रद्धालुओं से आग्रह करता हूँ कि शोभायात्रा के दौरान अनुशासन, शांति और स्वच्छता बनाए रखें तथा प्रशासन और आयोजन समिति का सहयोग करें। साथ ही देर संध्या में मंदिर परिसर में मुख्य कार्यक्रम एवं शिव-पार्वती विवाह समारोह का आयोजन होगा। शिव विवाह हमें यह सिखाता है कि तप और शक्ति, संयम और समर्पण, प्रकृति और मानव का संतुलन ही सृष्टि का आधार है। यह विवाह केवल एक धार्मिक घटना नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन और सामंजस्य का प्रतीक है।
महाशिवरात्रि की यह रात्रि हमें आत्मचिंतन, साधना और सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देती है। आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें।
समाज में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने का
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का
स्वच्छ, सुरक्षित और अनुशासित आयोजन सुनिश्चित करने का
जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आप सभी श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और सुरक्षा के साथ इस उत्सव का आनंद ले।



