गया में 75 विदेशी श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान, विश्व शांति और युद्ध पीड़ितों के लिए की प्रार्थना

गयाजी: आस्था की नगरी Gaya में सोमवार को एक अनोखा और आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला, जब दुनिया के करीब 40 देशों से आए लगभग 75 विदेशी श्रद्धालुओं ने Dev Ghat पर विधि-विधान के साथ पिंडदान किया। यह धार्मिक अनुष्ठान Falgu River के तट पर संपन्न हुआ, जहां वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
विदेशी श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पारंपरिक तरीके से पिंडदान किया। स्थानीय पंडा समाज द्वारा उनका स्वागत किया गया और पूरी विधि के साथ कर्मकांड कराया गया। पंडा ने बताया कि इन श्रद्धालुओं की Sanatan Dharma में गहरी आस्था है, जिसके कारण वे विशेष रूप से गयाजी पहुंचे हैं।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने केवल अपने पूर्वजों के लिए ही नहीं, बल्कि विश्व शांति के लिए भी प्रार्थना की। खासतौर पर Russia-Ukraine War और Iran–United States relations conflict जैसे अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए भी सामूहिक प्रार्थना की गई। यह पहल मानवता, करुणा और वैश्विक शांति का संदेश देती है।
अमेरिका, फ्रांस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, रूस और यूक्रेन सहित कई देशों से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि गयाजी की धार्मिक परंपरा और पिंडदान की महत्ता से वे गहराई से प्रभावित हैं। उन्होंने इसे जीवन का एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव बताया।
यह सामूहिक पिंडदान एक बार फिर साबित करता है कि गयाजी न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है। धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी गयाजी की पहचान लगातार वैश्विक स्तर पर मजबूत होती जा रही है।



